गणतंत्र दिवस – भारतीय प्रभुता का प्रतीक

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Business Manta: Faridabad

26 जनवरी 1930 को कांग्रेस व अन्य पार्टियों ने ब्रिटिश साम्राज्य से “सम्पूर्ण स्वाराज्य” की माँग का प्रस्ताव पारित किया था ।

भारत के संविधान का मसोदा 26 नवंबर 1949 को पूर्ण रूप से तैयार हो गया और अपना लिया गया, साथ ही, यह निर्णय भी लिया गया कि सम्पूर्ण स्वराज्य की माँग के ठीक 20 साल बाद यानि के 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया जाएगा और 26 जनवरी का दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

देश के विभिन्न प्रांतो से लोग राजधानी दिल्ली में आयोजित भव्य कार्य्रक्रमों में सम्मलित होते हैं। इस दिन के कार्यक्रम के आयोजन का प्रारंभ “अमर जवान ज्योति” पर माननीय प्रधानमंत्री श्रंदाजलि अर्पित करके करते हैं और उसके पश्चात तीनो सेनाएँ मार्च प्रदर्शन करती है। इसके साथ ही विभिन्न प्रदेशों की सांस्कृतिक झाकियाँ प्रस्तुत की जाती है। प्रतिवर्ष भिन्न देशो से मुख्य अतिथि इस कार्य्रक्रम में सम्मिलित होने पधारते है। पूरी परेड का “गार्ड ऑफ ऑनर” राष्ट्रपति जी को पेश किया जाता है।

इस वर्ष फ्रांस के राष्ट्रपति Francois Hollande 26 जनवरी 2016 पर गणतंत्र दिवस परेड पर मुख्य अतिथि होंगे। इस साल के आयोजन में भारतीय इतिहास में पहली बार फ्रेंच टुकड़ी गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय सेना के साथ भाग लेगी।

साथ ही पहली बार सेना की Dog Squad की टुकड़ी भी शामिल की जा रही है परन्तु सीमा सुरक्षा बल (BSF) की ऊंटों की टुकड़ी को शामिल नहीं किया जा रहा। जहाँ पूरी परेड हर वर्ष 120 मिनट की होती है इस वर्ष वह 90 मिनट में ही पूरी कर दी जाएगी।

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