वसंत पंचमी – ज्ञान पूर्ण पर्व

National
Save

Business Mantra : Faridabad

वसंत पंचमी का त्यौहार, हिंदुओ के कैलेंडर के अनुसार, माघ महीने की पंचम तिथि को मनाया जाता है। वसंत पंचमी, वसंत ऋतु के आगमन का संकेत देती है। भारत के पूर्वी भागो में इस दिन सरस्वती पूजन किया जाता है। पंजाब और बिहार में वसंत पंचमी को पतंग के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। यह त्यौहार केवल हिंदुओ द्वारा ही नहीं अपितु सिख समुदाय द्वारा भी मनाया जाता है। वसंत पंचमी को सरस्वती पूजन जो कि ज्ञान का प्रतीक है इसलिए इस दिन, शिक्षण संस्थानो में पूजन किया जाता है।

देश के कई भागो में, इस दिन शानदार पंडाल लगाकर सरस्वती पूजन किया जाता है। पश्चिम बंगाल मे इसे श्री पंचमी के रूप में मनाया जाता है। पूजन के पश्चात् माता सरस्वती की मूर्तियों को रंगारंग जुलूस के साथ पवित्र जल में विसर्जित किया जाता है। पंजाब में इस दिन रंग-बिरंगी विशेषकर पीली पतंगे उड़ाई जाती है। वसंत पंचमी के महोत्सव का एक खास महत्व किसानों के लिए भी है क्योकि इस दौरान खेत भी पीली सरसों की फसल से सुसज्जित होते हैं।

पंजाब में वीर हकीकत राय और उनकी धर्मपत्नी लक्ष्मी देवी के बलिदान के रूप में हर वर्ष वसंत पंचमी के दिन एक बड़े समारोह का आयोजन किया जाता है। वीर हकीकत राय का जन्म पंजाब के स्यालकोट में एक पुण्यात्मा खत्री जाति के लाला भागमल पुरी और माता कैरी के घर में हुआ। उनका विवाह बटाला की रहने वाली लक्ष्मी से हुआ। आत्मा,परमात्मा के ज्ञान से परिपक्व हकीकत राय मेधावी छात्र थे। मुगल बादशाह मोहम्मद शाह रंगीला के काल में वीर हकीकत राय को धर्म परिवर्तन अस्वीकार करने के लिए मार दिया गया था। इसके पश्चात् से उनके बलिदान को याद रखने के लिए स्मारक का निर्माण किया गया। यह स्मारक पाकिस्तान के लाहोर में स्थित है। उनके बलिदान का समाचार सुनकर उनकी पत्नी चिता में जलकर सती हो गई और उनकी पत्नी के लिए बलिदान स्मारक बनाया जो कि बटाला में स्थित है। वसंत पंचमी को बटाला में भारी मेले का आयोजन करके उन्हें स्मरण किया जाता है।

वसंत पंचमी के उत्सव पर पीले रंग का एक विशेष अर्थ है यह प्रकृति की प्रतिभा और जीवन की जीवंतता को दर्शाता है। लोग पीली पोशाक धारण करते हैं और पूजा में पीले फूलों का उपयोग करते हैं। आटा, चीनी, मेवा, केशर और इलायची पाउडर का उपयोग करके हलवा तैयार किया जाता है। यह पकवान पीले रंग और हल्की खुशबू से परिपूर्ण होता है इस दिन इस पकवान का खासकर सेवन किया जाता है।

वसंत पंचमी उत्सव सरस्वती पूजा का प्रतीक, वसंत ऋतु के आगमन, वीर हकीकत राय के बलिदान का स्वरूप और अनेकता में एकता का प्रतीक है।

About the author

admin