हरियाणा में “बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान” का सफल प्रयास

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2001 व 2011 की जनगणना के अनुसार हरियाणा में लिंगानुपात कम हो रहा था जिसका कारण कन्या भ्रूण हत्या माना जाता रहा था। 2011 की जनगणना के अनुसार प्रति 1000 लड़को पर लड़कियों की संख्या 877 थी।

हरियाणा सरकार ने लड़कियों के अनुपात को बढ़ाने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की। इस अभियान के चलते 2015 के नए आंकड़ो पर नजर डाले तो बिषम लिंगानुपात में हरियाणा में लड़कियों की संख्या 903 हो गई है। हरियाणा सरकार द्वारा चलाया गया “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” का अभियान काफी हद तक सफल माना जा रहा है।

आँकड़ो के अनुसार सिरसा में जहाँ प्रति 1000 लड़को में लड़कियो की संख्या 999 पहुँच गई है वही अन्य जिलो के आँकड़ो के अनुसार पंचकुला में लड़कियो का अनुपात 961,गुड़गाँव में 946 ,मेवात में 923 ,करनाल में 959,सोनीपत में 852, रेवाड़ी में 825 और झज्जर में बिषम लिंगानुपात सबसे कम रहा है और हरियाणा सरकार इस अभियान को सफल बनाने के निरंतर प्रयास कर रही है।

सुधरे हुए आँकड़ो को देखते सरकार ने लिंगानुपात में हरियाणा के सफल प्रयास का अभिनन्दन किया है और सोशल मीडिया पर भी देश व विदेश में “बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ” अभियान को और भी सशक्त बनाने का फैसला किया है।

सरकार ने राज्य के इस सफल प्रयास के कारण 2016 की प्रथम छमाई में औसतन प्रति 1000 लड़को के अनुपात में संख्या 903 से 950 लड़कियों का लक्ष्य रखा है।

आओ मिलकर इसे सफल बनाने में सरकार को सहयोग दें।

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