7th वेतन आयोग की सिफारिशे लागू, और अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव

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Business Mantra: Faridabad


सरकारी कर्मचारी एंव पेंशनधारी पूर्व कर्मचारियों के लिए सातवें Pay Commission की सिफारिशों को लागू करने का फैसला सरकार ने कर लिया है।

सरकार द्धारा गठित 7th वेतन आयोग ने वेतमान में 23.5% की वृद्धि के लिए सिफारिश की थी।

सरकार ने मूल वेतन (Basic Pay) में 14.27% की वृद्धि को 1 जनवरी 2016 से लागू करते हुए अगस्त 2016 के वेतनमान में देने का फैसला किया है।

सरकार के इस फैसलें से लगभग 1 Crore से अधिक कर्मचारी व पेंशन घारक लाभान्वित होंगे। जिसके फलस्वरुप सरकारी खजाने पर लगभग 1 लाख Crore का अतिरिक्त भार पडेंगा परन्तु इसके फलस्वरुप सुस्त आर्थिक वातावरण में कुछ गरमजोशी आने की पुरजोर सभावना है।

जहाँ एक ओर आलोचकों का मानना है, कि इस कदर वेतन वृद्धि से सरकारी खजाने पर अत्यधिक भार पढ़ेगा, जिससे बाजार में रुपय की तरलता बढ़ेगी, जिसके फलस्वरुप मुद्रास्फीति की दर का बड़ना लगभग तय है।
वंही दूसरी ओर समालोचकों का मानना है, आर्थिक मंदी से निपटने के लिए यह कदम कारगर सिद्ध होगा, क्योकि क्रेन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के साथ ही, राज्य सरकार के कर्मचारियों का वेतनमान भी लगभग उसी दर से बड़ा दिया जाता है। जिसके फलस्वरुप बाजार में आवश्यक से लेकर विलासिता तक के सभी उत्पाद एंव चिकित्सा से लेकर, टूरिज्म तक की सभी सेवाओं की माँग बड़ना निश्चित है।

एंव यदि औधोगिक एवं सेवा क्षेत्र में माँग बड़ेगी तो नए रोजगार अवसरों का भी सृजन होगा। दूसरी ओर सरकार अपने घाटे की पूर्ति प्रत्यक्ष कर एवं बडी हुई माँग के कारण अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से अपना घाटा पूरा कर  सकेंगी।

सातवें वेतन आयोग की विस्तृत जानकारी के लिए – www.7cpc.india.gov.in पर सम्पर्क करे।

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