Policy Paralysis in Modi Government “सरकार नई–परिणाम वही “

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Business Mantra : Faridabad

वर्ष 2014 में नरेन्द्र मोदी समेत भाजपा के सभी नेताओं ने मनमोहन सरकार के ऊपर नीतियों में पक्षाघात (Policy Paralysis) का आरोप अत्यधिक महिमा मंडन के साथ लगाया। टेलीविज़न, न्यूज़ चैनल्स, पूरा Social Media, समाचार पत्र इस चर्चा से भरे रहे कि मनमोहन सिंह के नेत्रत्व वाली UPA सरकार में नीतियों का क्रियान्वन नही हो रहा है और इसके कारण देश की अर्थव्यवस्था पर अत्यधिक बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

यदि हम मोदी सरकार की कार्यशैली देखें तो ऐसा लग रहा है की मोदी जी व उनके मंत्री 24 घन्टे (Round the Clock) काम कर रहे है परन्तु जब हम परिणामों पर नज़र डालते है तो पाते है कि लगभग सभी विषयों पर स्थिति यथावत् बनी हुई है। उदाहरण के लिए :-

  1. काला धन :- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद SIT बनाने के सिवाय हुआ कुछ नही। इतना शोर मचाने के बाद तथा इलैक्शन कैंपेन में यह कह कर कि बाहर जमा किया हुआ काला धन हम वापस लाएंगे और इसकी वापसी के पश्चात प्रति व्यक्ति के हिसाब से 12 से 15 लाख रुo आएगें जो कि देश के विकास कार्यों में खर्च किए जाएंगे। आनन-फानन में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पालन के लिए SIT बनाई और उसके बाद स्थिति रही

सरकार नई  परिणाम वही

  1. ब्याज़ दरों में कमी :- व्यापार वृद्धि के लिए बैंक ब्याज़ दरों में कमी करने के पक्ष में हमारे वित्त मँत्री श्री अरुण जेटली जी खड़े दिखाई दिए । उन्होने RBI गवर्नर रघुराम राजन को इस बारे में कई बार कहा, परन्तु रघुराम राजन ने मंहगाई बढ़ने का तर्क दे कर बात नही मानी।

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    जब वित्त मंत्री ने निर्देश देना बन्द कर दिया तब कुछ महीनों पश्चात अगली घोषणा के समय RBI गवर्नर ने बैंक ब्याज बेस रेट में 0.50% की कमी करके सभी को हैरान कर दिया परन्तु उनकी बात को बैकों ने मानने से इन्कार कर दिया एवं सभी लोन प्रोडक्टस पर मात्र 0 से लेकर 0.25% तक ही ब्याज दरें कम की। भाजपा सरकार के गठन के बाद RBI ने 1.25% की ब्याज दरों में कमी करने के बावज़ूद भी बैकों ने केवल अधिकतम 0.60% तक फायदा ग्राहकों को पहुंचाया है। वित्त मंत्री, RBI गवर्नर एवं बैकों के बीच इस समन्वय की कमी के कारण  अभी  तक ब्याज दर कम करने की नीति का क्रियान्वन नही हो सका।

सरकार नई  परिणाम वही

  1. GST:- GST लागू होने में अभी भी संदेह है। हमेशा अपने आप को अति आत्मविश्वास से भरा हुआ दिखाने की कोशिश में लगे हमारे प्रधानमंत्री जी भी सिर्फ यही कह पा रहे हैं कि मैं उम्मीद करता हुं कि अगले साल GST लागू हो जाएगा। भाजपा सरकार का तर्क यह है कि कांग्रेस के नेत्रत्व में विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा है। तो यही काम भाजपा ने भी विपक्ष मे रहते हुए किया था, तब यही तर्क कांग्रेस सरकार दिया करती थी !

सरकार नई  परिणाम वही

इसी तरह और भी मसले जैसे बहुत सारे अतार्किक कानूनों को खत्म करना (एक भी कानून अभी तक खत्म नही किया गया ), उद्यमियों को बिना सिक्योरिटी गारंटी के लोन की उपलब्धता ( CGTMSE स्कीम पहले भी थी परन्तु बैंक पहले की तरह इस स्कीम के तहत लोन देने से बचते हैं ) इत्यादि पर सरकार लोक हित में कुछ नया नही कर पाई। अर्थात जब तक सरकार अपनी बदलाव लाने के वायदों में कुछ ठोस परिणाम नहीं दिखाती है तो धीरे-धीरे मोदी जी के भाषणों से जनता का मोह भंग होना निश्चित है।

C.A Sanjay Kumar : Author may be reached at editor@businessmantranews.com

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